328 जानिए किन्हें पालक और मेथी खानी चाहिए और किन्हें नहीं, बहुत उपयोगी है ये दोनों

 जानिए किन्हें पालक और मेथी खानी चाहिए और किन्हें नहीं, बहुत उपयोगी है ये दोनों



नमस्कार दोस्तों आपका हमारी वेबसाइट में एक बार फिर से स्वागत है. तो दोस्तों राजीव दीक्षित जी के पिछले आर्टिकल्स में आपने एलोवेरा और गेंदे के उपयोगो के बारे में पढ़ा होगा. आज हम बात करने जा रहे है एक और घरेलू औषधि के बारे में जिसका नाम है मेथी और पालक.

पालक एक ऐसी सब्जी है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी है। रेतीली जमीन को छोड़कर शेष प्रकार की जमीन पर पालक खेती के लिए अनुकूल रहती है। इसके हरे पत्तों की सब्जी, सोया की भाजी या अन्य पत्तों वाली भाजी के साथ मिलाकर पकाई जाती है। कच्चा पालक खाने में कड़वा और खारा लगता है, परंतु गुणकारी होता है। दही के साथ कच्चे पालक का रायता बहुत ही स्वादिष्ट और गुणकारी होता है।

पालक मानव के लिए एक अमृत के समान लाभकारी सब्जी है तथा यह सब्जी ही अपने आप में एक सम्पूर्ण भोजन है, क्योंकि इसमें कैल्शियम, विटामिन-सी और लौह तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर में पोषक तत्वों की पूर्ति करते हैं। पालक से कई तरह की औषधियां भी बनायी जाती हैं।

मेथी की खेती लगभग सभी प्रदेशों में की जाती है। मेथी के पत्तों से सब्जी बनायी जाती है। इसके बीजों का उपयोग आहार के लिए विभिन्न व्यंजनों में तथा औषधि के रूप में बहुत अधिक किया जाता है। मेथी के फूल एवं फल जनवरी से मार्च के महीनों में लगते हैं। मेथी के दाने को मेथी दाना कहते हैं। यह जगंलों में भी पाई जाती है। जंगलों में पायी जाने वाली मेथी कम गुण वाली होती है। राजस्थान में मेथी के दानों की सब्जी बनाई जाती है,

सब्जी के अलावा मेथी के पत्तों से ढोकले, मुठिए और गोटे भी बनाये जाते हैं। कुछ लोग मूंग और मेथी के दानों का मिश्रित साग बनाते हैं। इसके अलावा कच्चे आम के टुकड़े करके उसमें पिसी हुई मेथी और अन्य मसाले मिलाकर अचार बनाये जाते हैं। यह अचार स्वादिष्ट और गुणकारी होता है। सर्दी के मौसम में मेथी ज्यादातर सभी घरों में सेवन की जाती है।

मेथी और पालक भी आप अपने घर में आसानी से लगा सकते हैं. पालक का सबसे बड़ा उपयोग है रक्त की कमी को पूरा करना. यानि अनीमिया को दूर करना. आप इसके पत्ते भी चबा सकते है और जूस की तरह भी इसका सेवन कर सकते हैं.  जिनको शरीर में कोई बीमारी बार बार लग रही हो जैसे कि उन्हें बार बार संडास जाना पढ़ता है, तो उन लोगो को इनसे परहेज रखना चाहिए.

जिन्हें पथरी है चाहे वो किडनी में हो या ब्लैडर में, उन्हें मेथी और पालक से दूर रहना चाहिए. बाकि कोई भी इसको खा सकतें है. जिन्हें कब्ज़ या संडास न आने की प्रोब्लम रहती है, उनके लिए पालक और मेथी सबसे अच्छी औषधि है. पालक की और मेथी की भाजी जितनी हो सके खानी चाहिए, क्योंकि नियमित रूप से तीन से चार महीने खाने से आपको किसी प्रकार की बीमारी नही आती.

मेथी और पालक एक बहुत ही बेहतरीन औषधि है. जिन्हें बहुत मुत्रता नामक बीमारी होती है, यानि बार बार पेशाब आना. इस रोग के लिए यह एक मात्र औषधि है,.जिनकी आँखों की रौशनी कम है या कम दिखाई देता है, उनके लिए पालक और मेथी सबसे अच्छी है. जिन लोगो को सुबह उठते ही चक्कर आते है, उन लोगो के लिए भी ये दोनों बहुत फायदेमंद औषधिया है. शरीर में रक्त के दुष्ण को पालक और मेथी दूर करती है.

अगर मेथी और पालक की बात की जाये तो राजीव जी का मानना है कि शुगर से पीड़ित लोगो के लिए पालक और मेथी से बढिया कुछ भी नही है. इन लोगो को रोज़ पालक और मेथी का सेवन करते रहना चाहिए. इससे शुगर कण्ट्रोल में रहती है.







329  एलोवरा 53 रोगों में काम करता है, इसके ये प्रयोग आप नहीं जानते होंगे  

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पालक और मेथी पर राजीव भाई का ये विडियो जरुर देखे >>

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