317 जो ये काम हर रोज करेगा ! उसके जीवन में कोई रोग आने की संभावना ना बराबर है

 जो ये काम हर रोज करेगा ! उसके जीवन में कोई रोग आने की संभावना ना बराबर है



आप जब सवेरे सोकर उठते है तो सबसे पहले आपको पानी पीना है वैसे तो आयुर्वेद में इस सूत्र में जो शब्द इस्तेमाल किया गया है वो उषापान है. उषा पान का मतलब होता है, सुबह सुबह जब आप चार साढ़े-चार बजे उठते है, वो समय उषा का समय कहलाता है, तो उषा काल अगर पानी पीते है तो उसे उषा पान कहते है. वैसे तो आदर्श समय उठने का साढ़े चार पांच बजे ही है और उठे ही पानी पीना चाहिए लेकिन अगर आप नही उठ पाते है तो जब उठते है तभी उठते ही पानी पिए.

मतलब ये कि आपके दिन की शुरुआत पानी से करे. चाय से नही, कॉफ़ी से नही, दिन शुरू होना चाहिए पानी के साथ. और पिने का तरीका आपको पिछले पोस्ट में बताया गया था, पानी हमेस बैठकर और सिप सिप करके पीना चाहिए. जैसे चाय पीते है या गर्म दूध पीते है वैसे ही, धीरे धीरे पानी पीना चाहिए. और पिछले पोस्ट में आपको ये भी बताया था कि आपके लिए सबसे अच्छा मिटटी के घड़े का पानी है.

अब हम बात करे रहे है कि सुबह उठते ही आपको कौन सा पानी पीना चाहिए. अब आपके मन में एक सवाल आएगा कि कितना पानी पीना चाहिए. आयुर्वेद तो कहता है कि कम से कम सवा लिटर (4 गिलास). आप बोलेंगे कि इतना पानी पीना तो हमारे बस का नही है, ये नहीं हो पाएगा हम से. आप ऐसा कीजिए एक गिलास से शुरू कीजिए. पहले एक गिलास पीने की आदत डाल लीजिये. इसकी आदत आपको थोड़े दिन में पड़ जायगी. हमारा जो ये शरीर है ये इतना फ्लेक्सिबल (flexible) है कि आप इसको जैसी आदत डालो, वैसी आदत पड़ जाती है. आप एक गिलास से शुरू करिये थोड़े दिन एक गिलास पीते रहिये फिर धीरे धीरे डेढ़ गिलास करिये फिर दो गिलास करिये फिर ढाई करिये बढाते जाइये, और 4 गिलास तक कीजिए. आप कहेगे कि सुबह-2 प्यास नही लगती. बिना प्यास के पिए.

अगर आप रोज सुबह उठते ही पानी पिएंगे तो इसके तीन कारण है-  पहला कारण तो ये है कि रात्रि को जब आप सो गये तो मुह में जो लार बनी, वो अंदर नही गयी वो इधर उधर ही जमा है. उठते ही आप पानी पियेंगे तो जो लार आपकी मुह में जमा है वो शरीर के अंदर जाएगी और सुबह की लार सबसे उत्तम होती है, वो पुरे दिन में सबसे अच्छी मानी जाती है.

दूसरा फायदा ये है कि राजीव भाई ने पिछले विडियो में बताया था कि सुबह सुबह वायु का प्रकोप होता है, अगर सुबह उठते ही पानी पियेंगे तो वायु का प्रकोप आपका तब तक शांत रहेगा जब तक पानी है. तो वायु ज्यादा तकलीफ नही करेगी और तीसरा फायदा ये है की जैसे ही आप पानी पियेंगे तो अंतड़ियो तक पानी जायेगा. क्योकि बीच में कोई रुकावट नही. यह पानी जो है वो अंतड़ियो को साफ करेगा, और आपकी आंत को भी साफ करेगा और ये आपको पहले से ही पता है कि अगर रोज आपकी आंते साफ होती है, तो आपको जिन्दगी में कोई रोग आने की शंका नही है इसलिए सुबह उठते ही पानी पीने का नियम बनाए और उसका कट्टरता से पालन करे. क्वांटिटी आपको पता ही है, एक गिलास से शुरू करना है और धीरे धीरे 4 गिलास तक कर लेना है.







318  दोस्तों भारत के लोगों को कभी भी दोड़ना नहीं चाहिए, जानिए ऐसा क्यों है  

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