147 अगर इस रोटी के साथ आप खायेंगे बैंगन की सब्जी तो सोने पर सुहागा है

 अगर इस रोटी के साथ आप खायेंगे बैंगन की सब्जी तो सोने पर सुहागा है



नमस्कार दोस्तों एक बार फिर से आपका स्वागत है हमारी वेबसाइट पर. जहाँ आपको राजीव दीक्षित जी द्वारा बताई गयी ढेरो औषधीयां मिलती है. आज आपको हम राजीव जी की एक और औषधि के बारे में बताने जा रहे है, जो हमारे स्वयं पाक घर में आती है. हम शायद उसको गमले में नहीं लगा सकते परन्तु ये भी एक  पौधे के रूप में आती है. इस औषधि का नाम है “बैंगन”. बैंगन महाराष्ट्र के लोगो की सबसे पसंदीदा सब्जी है. वहां के लोग इसको भगवान की सब्जी का दर्ज़ा देते हैं. इसमें बहुत सरे गुण है.

बैंगन का लैटिन नाम-सोलेनम मेलोजिना है। इसे अंग्रेजी भाषा में इगपलेंट नाम से जाना जाता है। भारत में प्राचीनकाल से ही बैंगन सभी जगह होता है। बैंगन की लोकप्रियता स्वाद और गुण के नज़र से ठंड तक ही रहती है। इसलिए पूरे सर्दी के मौसम की सब्जी-भाजियों में बैंगन को राजा के रूप में माना जाता है। गर्मी के महीनों में इसका स्वाद भी बदल जाता है।

बैंगन में खासतौर पर 2 किस्में पायी जाती हैं। काले और सफेद काले बैंगन ज्यादा गुणकारी माने जाते हैं। बैगन की एक अन्य किस्म भी है, परन्तु गुण की दृष्टि से यह निम्न किस्म है। ज्यादा बीज वाले बैंगन और नर्म कुंहड़ा जहर का रूप हैं। बैंगन जितने ज्यादा कोमल और मुलायम होते हैं। उतने ही ज्यादा गुण वाले और बलवर्धक माने जाते हैं। गर्मी के महीनों मे पैदा होने वाले ज्यादा बीज वाले बैगन का उपयोग नहीं करना चाहिए। दीपावली के त्यौहार में बैंगन नही खाना चाहिए। ऐसा करना आरोग्य की दृष्टि से फायदेमंद है। शरद के महीने में पित्त का प्रकोप होता है। इसलिए इस ऋतु में पित्तकर बैंगन खाने से अनेकों रोग उत्त्पन्न होते है। बसंत के महीनों में बैंगन को खाने से लाभ होता है।

तेल और हींग में बनायी हुआ बैंगन की सब्जी वायु प्रकृति वालों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। कफ (बलगम) प्रकृतिवालों और समप्रकृति वालों के लिए भी सर्दी के मौसम में बैंगन का सेवन गुणकारी है।

बैंगन का रंग और बैंगन के उपयोग

बैंगन के उपयोगों की बात की जाये तो, इसका सबसे पहला गुण है इसका रंग. और जैसा कि हम सब जानते ही है बैंगन का रंग बैंगनी होता है. पूरी दुनिया में बैंगनी रंग को सबसे उत्तम रंग मन जाता है. अगर आप बैंगनी रंग का कोई फल या सब्जी खाते है तो, ये आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा. और दोस्तों हमारी जिंदगी में दो ही चीजे ऐसी है, जो बेंगनी रंग की होती है और वो है “जामुन” और बैंगन. तो हमे इन दोनों का ही लाभ उठाना चाहिए.

एक बैंगन ग्रीन कलर में भी आते है. वो नहीं खाने चाहिए. हम सबको बैंगनी रंग की बैंगन ही खाना चाहिए. विज्ञानियो का मानना है कि सूर्य के प्रकाश को सबसे ज्यादा अवशोषित करने की ताकत इस बैंगनी रंग में है. और सूर्य के प्रकाश को दुनिया में पूरी प्रकृति और ब्रह्मांड का ऊर्जा केंद्र माना जाता है. कुछ लोगो का मानना है कि बैगन की सब्जी अच्छी नहीं होती, ये थोड़ी भारी होती है और अच्छी नही होती, तो उन लोगो के लिए राजीव जी ने साफ़ तोर पर स्पष्ट किया है कि बेंगन की सब्जी न तो भारी होती है न ही कोई नुकसान पहुंचाती है. उल्टा बैंगन बहुत ही उपयोगी सब्जिओं में से एक है. आयुर्वेद में बाग्वट संहिता में बाग्वट ऋषि ने एक सूची बनाई है कि कौन सी भाजी सबसे अच्छी और कौन सी सबसे खराब.

तो बाग्वट संहिता के अनुसार बैंगन को सबसे उत्तम एवं श्रेष्ट सब्जी माना जाता है. अगर सबसे खराब सब्जी की बात की जाये तो, इमली को सबसे खराब माना जाता है. ज्वारी की रोटी के साथ बैंगन की सब्जी खाना मतलब सोने पर सोहागे वाली बात है. इसके इलावा बैंगन की सब्जी को बजरी की रोटी, गेंहू की रोटी के साथ खान भी लाभदेय है. कोशिश करें कि गेहूं के साथ सबसे कम खाएं क्योंकि, गेहूं के साथ इसका कॉन्बिनेशन ठीक नहीं है. गेंहू में जो पोषक तत्व है और बैंगन में जो पोषक तत्व है यह एक दूसरे को सूट नहीं करते.

गुण (Property)

बैंगन मेदा (आमाशय) को बलवान बनाता है, गांठों को तोड़कर सिख्तयों को नर्म करता है, पेशाब जारी करता है, गर्मी के दर्दों को शांत करता है, बैंगन का सिरा रगड़कर बवासीर में लगाना लाभदायक है, आंबाहल्दी के साथ इसकी सेंक देना हल्दी के साथ इसकी सेंक चोट को लाभ करती है। बैंगन कड़वा है, रुचि को बढ़ाता है, मधुर है, पित्त को पैदा करता है, बल को बढ़ाता है और धातु (वीर्य) को बढ़ाता है। यह दिल के लिए फायदेमंद, भारी और वात रोगों में लाभदायक है। बैंगन नींद लाता है, खांसी पैदा करता है, कफ (बलगम) और सांस को बढ़ाता है। लंबा बैंगन श्रेष्ठ होता है, यह पाचनशक्ति और खून को बढ़ाता है। कच्चा बैंगन कफ (बलगम), पित्त को खत्म करता है। पका बैंगन क्षारयुक्त, पित्तकारक तथा मध्यम बैंगन त्रिदोषनाशक, रक्त-पित्त को निर्मल करने वाला है। आग पर भुने हुए बैंगन का भर्ता पित्त को शांत करता है, वात और पित्त रोग को खत्म करता है। सफेद प्रकार का बैंगन बवासीर वाले रोगी के लिए विशेषरूप से लाभकारी होता है।






148   ये देशी टमाटर बच्चो के लिए सबसे फायदेमंद है, जानिए इसके लाभकारी गुण  

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इस विडियो में देखिए बैंगन के अदभुत फायदे >>

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